अंबिकापुर। उदयपुर थाना क्षेत्र के ग्राम परसा साल्ही में स्थित कोयला खनन परियोजना स्थल में आगजनी, तोडफ़ोड़ की घटना के बाद कोल माइंस में सुरक्षा अधिकारी के पद पर पदस्थ अनुपम दत्ता की रिपोर्ट पर उदयपुर थाने में 10 लोगों के विरुद्ध नामजद अपराध दर्ज किया गया है। जिनके विरूद्ध अपराध दर्ज किया गया है उनमें ऐसे लोग शामिल हैं, जो कोयला खदान के विरोध में लगातार आंदोलन के नेतृत्वकर्ता रहे हैं। आगजनी में लगभग 10 लाख रुपये का नुकसान पहुंचने की जानकारी सुरक्षा अधिकारी ने पुलिस को दी है।
सुरक्षा अधिकारी अनुपम दत्ता पिता अमरचंद दत्ता निवासी शांतिग्राम गुमगा, थाना उदयपुर ने इस संबंध में दी गई लिखित शिकायत में बताया है कि 15 अप्रैल को दोपहर लगभग तीन बजे 200 से 250 की संख्या में लोग साल्ही परियोजना कार्यस्थल पर तलवार, कुल्हाड़ी, तीर-धनुष, भाला, लाठी, लोहे का छड़ लेकर आए और कंपनी परिसर में बलपूर्वक घुसकर परिसंपत्तियों में तोडफ़ोड़ व आगजनी करने लगे। इस दौरान सुरक्षा अधिकारी अनुपम दत्ता, रामअवध यादव, रामअवतार शर्मा व सुरक्षा पर्यवेक्षक ऋषिकेश सिंह वहां मौजूद थे। बताया गया है कि दहशत मचाते हुए पहुंची भीड़ का नेतृत्व रामलाल करियाम पिता बागरसाय निवासी ग्राम साल्ही, बालसाय पिता रामसाय निवासी हरिहरपुर, मुनेश्वर पोर्ते पिता शिवचरण पोर्ते निवासी फतेहपुर, जगरनाथ बड़ा पिता शंकर बड़ा निवासी ग्राम पुटा थाना बांगो जिला कोरबा, अंतराम पिता ठाकुर राम निवासी ग्राम हरिहरपुर कर रहे थे। इनके द्वारा ग्रामीणों को भड़काने वाला नारा लगाया जा रहा था। इनके द्वारा तोडफ़ोड़ व जनरेटर, अस्थायी श्रमिक आवास में आगजनी की घटना को अंजाम देने के साथ ही यहां काम कर रहे लोगों के साथ गाली गलौज, मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी गई और उन्हें काम करने से रोककर भागने के लिए बाध्य किया गया, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई। पुलिस ने दर्ज की गई प्राथमिकी में रामलाल करियाम, बालसाय कोर्राम, मुनेश्वर पोर्ते, जगरनाथ बड़ा, अंतराम, आनंद कुसरो, धरम मरपच्ची, पवन कुसरो, नंदा कुसरो, कृष्णा कुसरो को आरोपित बनाया है। इन लोगों के विरुद्ध उदयपुर पुलिस ने धारा 147, 148, 149, 452, 294, 506, 323, 436 भादवि व 25 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है और आगे की कार्रवाई कर रही है। ज्ञात हो ग्रामीण विगत दो मार्च से परसा के साल्ही में कोल खदान के विरुद्ध अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन ग्राम हरिहरपुर में शांतिपूर्ण तरीके से करते आ रहे हैं, परंतु शासन-प्रशासन द्वारा इनकी मांगों को अनसुना कर दिया गया। कुछ दिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा परसा खदान हेतु स्वीकृति प्रदान करने के बाद कुछ क्षेत्र विशेष के ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया।
अधिकारियों के मार्गदर्शन में चल रही जांच कार्रवाई-
घटना के बारे में डिप्टी कलेक्टर सरगुजा अनिकेत साहू ने कहा है कि परसा कोल ब्लॉक के विरोध में ग्राम हरिहरपुर के ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर आगजनी की घटना को अंजाम दिया है। इसके लिए जिम्मेदारों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। परियोजना कार्य में लगे लोगों का कहना है कि फर्जी ग्राम सभा की शिकायत की जांच कर रिपोर्ट जमा कर दिया गया है। सरगुजा जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला ने साल्हि ग्राम में कानून व्यवस्था को अपने हाथों में लेकर किए गए अपराध को गंभीरता से लिया है। उन्होंने मामले की जांच करा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
साल्ही में तोडफ़ोड़ व आगजनी के मामले में 10 नामजद आरोपित सुरक्षा अधिकारी की लिखित पर उदयपुर पुलिस की अपराध दर्ज

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