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छत्तीसगढ़

चिटफंड कंपनियों के खिलाफ प्रशासन सख्त, 10 कंपनियों के खिलाफ एफआइआर


बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिले में चिटफंड कंपनियों में ठगी का शिकार हुए लोगों के आवेदन पर कार्रवाई चल रही है। बलरामपुर कलेक्टर कुंदन कुमार के मार्गदर्शन एवं संयुक्त कलेक्टर एचएल गायकवाड की निगरानी में दो अगस्त से 20 अगस्त तक चिटफंड कंपनियों से ठगी का शिकार हुए लोगों से शिकायत लेने का सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें शिकायतों की लंबी फेहरिश्त लग गई। जिले भर में 28 हजार 609 आवेदन प्राप्त हुए। इन आवेदनों में 65 करोड़ 51 लाख 72 हजार 857 रुपये की ठगी का मामला सामने आया। प्राप्त आवेदनों की बारीकी से जांच चल रही है, ताकि यह पता चल सके कि बलरामपुर जिले से कितने लोग ठगी का शिकार हुए हैं।
संयुक्त कलेक्टर एचएल गायकवाड ने जानकारी देते हुए बताया कि आवेदनों की स्कूटनी में 485 आवेदन दूसरे राज्य के पाए गए, जिसमें 69 लाख 11 हजार 270 रुपये की ठगी का मामला सामने आया। वहीं 26 आवेदन गलत दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि यह आवेदन शासकीय अधिकृत बैंकों में जमा किए गए लाखों रुपये का है। जिले में चिटफंड कंपनियों के खिलाफ जिला प्रशासन सख्ती से कार्रवाई में जुटी है। जिला प्रशासन ने अब तक अलग-अलग थानों में 10 कंपनियों के खिलाफ मामला पंजीबद्ध कराया है। एक कंपनी के कुर्की का आदेश लंबित है, जिसकी लागत 14 लाख 39 हजार रुपये है।
कम समय में अधिक मुनाफा के प्रलोभन में न आएं-गायकवाड
संयुक्त कलेक्टर एचएल गायकवाड ने आम लोगों से अपील की है कि कम समय में अधिक मुनाफा पाने का प्रलोभन देने वाली चिटफंड कंपनियों के झांसे में ना आएं। उन्होंने जानकारी साझा करते हुए बताया कि ज्यादातर ग्रामीण पैसे डबल करने के झांसे में आकर अपना पैसा लगा देते हैं, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने अपनी जमा पूंजी को शासकीय अधिकृत बैंकों में जमा करने कहा है ताकि नुकसान की स्थिति न बने।

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