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छत्तीसगढ़

। विजन समाज सेवी संस्था द्वारा गांधी स्टेडियम से घड़ी चौक तक आक्रोश रैली निकालकर दुष्कर्म तथा मौत

अंबिकापुर। विजन समाज सेवी संस्था द्वारा गांधी स्टेडियम से घड़ी चौक तक आक्रोश रैली निकालकर दुष्कर्म तथा मौत के घाट उतारी गई भारत की सभी बेटियों को नगर के स्वामी विवेकानंद चौक पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विजन समाज सेवी संस्था द्वारा पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भी प्रशासन की तरफ से मुख्यमंत्री को सौंपा गया। मांग की गई कि दुष्कर्म पीडि़ताओं के केस में फास्ट ट्रेक कोर्ट जल्द से जल्द निर्णय ले और 30 दिन के भीतर आरोपित को फांसी की सजा दी जाए, ताकि कानून के भय से दुष्कर्म करने वालों के मन में दंड का भय हो। अन्य मांगों में ऐसी पीडि़तों व उनके स्वजनों को पुलिस की सुरक्षा प्रदान की जाए ताकि उन्हें कोई डरा-धमका न सके। पुलिस विभाग बिना किसी पक्षपात के स्वतंत्र कार्रवाई करे तथा बिना किसी दबाव में आरोपित को फांसी के फंदे तक पहुंचाएं। घरेलू हिंसा के मामले में पुलिस सीधा संज्ञान ले ताकि पीडि़ता जो मानसिक और शारीरिक रूप से उत्पीडि़त है उसे पुलिस का सहयोग मिले और वह आगे की लड़ाई लडऩे की हिम्मत जुटा सके। इससे न्याय पर लोगों का विश्वास बना रहेगा। अंतिम मांग में महिलाओं के चरित्र का प्रमाण पत्र बांटने वाले समाज के किसी भी वर्ग के व्यक्ति चाहे वह पुलिस या प्रशासन के अधिकारी हों या कर्मचारी या सामाजिक-राजनैतिक कार्यकर्ता, उन पर अपराध दर्ज कर कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की गई है। कहा गया है कि ये ऐसे लोग हैं जो खुद समाज के लिए कुछ नहीं करते बल्कि समाज के लिए कुछ बेहतर करने वाले लोगों को हतोत्साहित कर निराशा में डाल देते हैं। संस्था की सदस्य शशिकला सिन्हा ने कहा हम लोगों की संस्था का मकसद केवल रैली निकाल श्रद्धांजलि अर्पित करना नहीं है बल्कि प्रभावी परिवर्तन है। इसके लिए हम लोग तब तक प्रयास करते रहेंगे जब तक सफलता न मिले। संस्था की सदस्य ललिता पांडेय ने कहा कि कानून में बदलाव लाना जरूरी है, इसके लिए प्रयास किया जाएगा। संस्था की सदस्य गंगोत्री चौहान एवं शारदा कुशवाहा ने महिलाओं को एकजुट होने की अपील की। रैली व श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मधुमिता पाल, मालती पांडेय, संगीता गुप्ता, शूरवीर, नूरेसा खातून, सुनंदा यादव, खुशबू यादव, राजू, प्यारी, अमीना, निराशा, ज्ञान लता कुजूर, प्रेमलता, मानमती, अंजुम, मीना रवि सहित कई महिलाएं मौजूद थीं।
16 वर्ष बाद भी दोहरा हत्याकांड के आरोपित महफूज-
संस्था की डायरेक्टर अधिवक्ता शिल्पा पांडेय ने कहा पहले भी अंबिकापुर में दोहरा हत्याकांड हो चुका है, अंबिकापुर की बेटी को दुष्कर्म कर मार दिया गया था। आज 16 वर्ष बीत गए एक भी आरोपित पकड़े नहीं गए। इनकी केस फाइल भी शायद दब गई है। ऐसे न जाने कितने मामले हैं जो न्याय के इंतजार में हैं। हाल में फिर वही कहानी दोहराई गई है। इस बार बेटी को उसके घर में घुसकर दुष्कर्म के बाद मारा गया। आखिर कब तक यह हैवानियत समाज में चलती रहेगी, बेटियां कब सुरक्षित होंगी। संस्था की ओर से घटना का पुरजोर विरोध कर आने वाले समय में आंदोलन और सामाजिक परिवर्तन के जन जागरूकता कार्यक्रमों के द्वारा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हों, इसके लिए प्रभावी कानून बनाने की दिशा में लगातार प्रयास करने की बात कही गई है।

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