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छत्तीसगढ़

पुलिस आरक्षक से बेल्ट, हाथ-मुक्के से मारपीट, बदमाशों का निकाला जुलूस नशे में धुत्त चार युवकों को पुलिस थाने लाने के बाद डॉक्टरी परीक्षण के लिए अस्पताल ले गई थी


अंबिकापुर। शराब के नशे में चार युवकों ने एक आरक्षक के साथ मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में मारपीट की घटना को अंजाम दिया। पुलिस आरोपितों को गौरव पथ में शांति भंग करते देख गिरफ्तार कर कोतवाली लाई थी, यहां से आरोपितों को डॉक्टरी मुलाहिजा के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया था। इस दौरान इन्होंने आरक्षक के साथ बेल्ट, हाथ-मुक्का से मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने सभी आरोपितों को न्यायिक रिमांड में भेज दिया है। आरोपितों की हरकत को देखते हुए कोतवाली पुलिस इन्हें जुलूस की शक्ल में कोतवाली से न्यायालय तक लेकर पैदल पहुंची।
जानकारी के अनुसार सदर कोतवाली के एसआइ अशोक मिश्रा बुधवार की रात गश्त में अपने स्टाफ हरिराम यादव व धीरज सिंह के साथ निकले थे। रात करीब दो बजे पुराना बस स्टैंड से होते नए बस स्टैंड की ओर जा रहे थे, इसी दौरान गौरव पथ में पुलिस कर्मियों ने एक स्कूटी में सवार चार युवकों को नशे में हुड़दंग मचाते देखा, जो पीछे से आ रही पुलिस वाहन की परवाह किए बिना नशे में मदहोश होकर शांति भंग कर रहे थे। पुलिस ने इन्हें रोका और घर जाने कहा लेकिन ये पुलिस से उलझने लगे। इसके बाद चारों को पुलिस पकड़कर थाने ले आई थी। युवकों का पुलिस ने मुलाहिजा कराने के लिए कागजी कार्रवाई की और गश्ती टीम ही इन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर गई। अस्पताल में मुलाहिजा होने के बाद पटेलपारा निवासी प्रवीण सिंह उर्फ प्रिंस सिंह ने आरक्षक हरिराम यादव से विवाद करना शुरू कर दिया। अन्य पुलिस कर्मियों द्वारा मामला शांत कराने का प्रयास करने तक बाकी युवक उक्त आरक्षक पर पिल पड़े। प्रवीण सिंह के साथ मौजूद पटपरिया निवासी आयुष पासवान, खटिकपारा नमनाकला निवासी राजेश राजवाड़े और शंकरगढ़ निवासी अभय यादव ने आरक्षक हरिराम यादव के साथ मारपीट शुरू कर दी। प्रवीण सिंह द्वारा आरक्षक पर बेल्ट से वार किया गया। अन्य पुलिस कर्मियों ने बीच-बचाव ककिया और सभी को पुलिस पुन: थाने लेकर पहुंची। आरोपितों के विरुद्ध मामले में धारा 186, 353, 332, 506, 294 व 34 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
लगातार पुलिस के साथ मारपीट के मामले सामने आ रहे-
चार दिन पूर्व लखनपुर थाना क्षेत्र में डॉयल 112 के आरक्षक के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी। इसी बीच अंबिकापुर शहर में भी बुधवार की रात चार युवकों ने आरक्षक के साथ मारपीट की घटना को अंजाम दिया। जिस तरह से पुलिस के साथ मारपीट की घटना सामने आ रही है, इससे जाहिर है कि बदमाशों के बीच पुलिस का डर खत्म हो चुका है। पुलिस अपना खौफ बनाए रखने के लिए आरक्षक के साथ मारपीट करने वाले आरोपितों को जुलूस की शक्ल में सदर कोतवाली से पैदल न्यायालय तक लेकर पहुंची। शहर में आए दिन लोग शराब के नशे में विवाद की स्थिति निर्मित कर रहे हैं। पुलिस को देखकर भागने के बजाए उल्टा उनसे उलझ मारपीट की घटना को अंजाम देने से लोगों में दहशत का माहौल बन रहा है। लोगों का कहना है कि जब पुलिस का यह हाल है तो जनता का क्या होगा।  

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