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छत्तीसगढ़

महंगाई भत्ते की मांग पूरी करने लामबंद हुए कर्मचारी


अंबिकापुर। महंगाई भत्ता संघर्ष मोर्चा के भिन्न घटक, संगठनों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों की उपस्थिति में केंद्र के समान 31 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने तथा सातवें वेतनमान के अनुसार गृह भाड़ा भत्ता देने हेतु ज्ञापन सौंपा गया। संघर्ष मोर्चा की ओर से अखिलेश सोनी ने कहा कि केंद्र सरकार एवं लगभग सभी राज्य सरकारें अपने अधीनस्थ  कर्मचारियों-अधिकारियों तथा पेंशनरों को 31 प्रतिशत महंगाई भत्ता दे रही है। सातवें वेतनमान के अनुसार गृह भाड़ा भत्ता प्रदान किया जा रहा है, जबकि छत्तीसगढ़ में लगभग चार लाख कर्मचारी-अधिकारी, पेंशनर आज भी 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को 14 प्रतिशत कम महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। इससे प्रत्येक कर्मचारी को औसतन पांच से छह हजार प्रति माह नुकसान हो रहा है। इसी प्रकार गृह भाड़ा भत्ता भी छठवें वेतनमान के अनुसार दिया जा रहा है, वह भी एक निश्चित राशि ही प्राप्त हो रही है। इससे प्रदेश के अधिकारियों-कर्मचारियों एवं पेंशनर्स में अत्यधिक रोष व्याप्त हो रहा है। मोर्चा द्वारा पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार सोमवार को अंबिकापुर के समस्त तहसीलों में ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन सौंपने तथा विरोध प्रदर्शन में शिक्षक कांग्रेस की ओर से देवेंद्रनाथ दुबे, छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ की ओर से जिलाध्यक्ष अखिलेश सोनी, छग प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की ओर से धनेश प्रताप सिंह, महेंद्र कुमार सिंह, ऋषिकेश कुशवाहा, शासकीय अनुदान प्राप्त शिक्षक कर्मचारी संगठन की ओर से कमल नयन त्रिपाठी,  राजस्व लिपिक संघ के प्रमोद सिंह, छत्तीसगढ़ लघु वेतन कर्मचारी संघ के संरक्षक सुजान बिंद, छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारी संघ की ओर से डीएन सिंह, छत्तीसगढ़ वाहन चालक संघ की ओर से ज्योति कुमार के अतिरिक्त अन्य कर्मचारी शामिल हुए।

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