अंबिकापुर। राष्ट्रीय अंधत्य नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.पीएस सिसोदिया के मार्गदर्शन में विश्व ग्लॉकोमा सप्ताह 6 से 12 मार्च तक मनाया जाएगा। इसी कड़ी में चार मार्च को अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम जिला सरगुजा की नोडल अधिकारी डॉ.रजत टोप्पो द्वारा नेत्र सहायक अधिकारियों की बैठक एवं परिचर्चा कर अपने-अपने विकासखंड में ग्लॉकोमा स्क्रीनिंग कर नेत्र सहायकों, अधिकारियों को सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 40 वर्ष से अधिक उम्र वाले व्यक्तियों का नेत्र परीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक व्यक्ति का विशेष रूप से प्युपलरी रियेक्शन देखने कहा गया है। प्रत्येक व्यक्ति का आंख का दबाव (इन्द्रा आकुलर प्रेसर) जांच किया जाना है, जिससे संभावित ग्लॉकोमा के मरीजों की पहचान की जा सके। संभावित ग्लॉकोमा के मरीजों को राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर में भेजने कहा गया है। यहां विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सक द्वारा ग्लॉकोमा की पहचान के लिये आंख के पर्दे एवं अन्य उपकरण से जांच कर उचित सलाह एवं उपचार किया जाएगा। ग्लॉकोमा ऐसी बीमारी है जिसमें शुरू के दिनों में किसी भी तरह की मरीजों को तकलीफ नहीं होती अपितु उनकी रोशनी धीरे-धीरे कम हो जाती है। एक समय रोशनी पूर्णत: खत्म हो जाती है इसलिए प्रत्येक नेत्र चिकित्सक एवं नेत्र सहायक अधिकारी को परिचर्चा के दौरान डॉ.रजत टोप्पो ने बताया कि हम सभी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है कि इस बीमारी की शुरूआत में पहचान कर उचित सलाह एवं उपचार कर ग्लॉकोमा के मरीजों की रोशनी को बचाया जा सकता है। ग्लॉकोमा स्क्रीनिंग कैंप में मरीजों का नेत्र परीक्षण कर चश्मे की जांच करने की सलाह दी गई। जांच में प्राप्त दृष्टिदोष से पीडि़तों को निश्शुल्क चश्मा प्रदाय किए जाएंगे। प्रचार-प्रसार हेतु स्कूलों में छात्रों के बीच निबंध और भाषण प्रतियोगिता कराने के निर्देश नोडल अधिकारी द्वारा दिए गए हैं। पंचायत में चौपाल लगाकर ग्लॉकोमा से बचाव हेतु जन-जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। बैठक, परिचर्चा में जिले के समस्त नेत्र सहायक अधिकारी उपस्थित रहे।
ग्लॉकोमा पीडि़तों की पहचान करने 40 वर्ष से अधिक उम्र वालों व्यक्तियों का होगा नेत्र परीक्षण

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