प्रतापपुर। पशु चिकित्सा सेवाएं एवं कृत्रिम गर्भाधान केंद्र प्रतापपुर के जर्जर भवन की आनलाइन शिकायत जन शिकायत शाखा रायपुर में की गई थी। शिकायतकर्ता प्रतापपुर निवासी जीशान खान ने इसमें उल्लेख किया था कि अनुविभागीय अधिकारी राजस्व प्रतापपुर के पास वर्ष 2015 में भवन निर्माण में लाखों रुपये के बंदरबांट की शिकायत की गई थी। शिकायत की जांच के बाद फाइल का पता नहीं चल रहा है। जांच की जवाबदारी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता को दी गई थी, उस समय के तत्कालीन कार्यपालन अभियंता ने उक्त भवन का बारीकी से जांच किया था और काफी कमियां पाई गई थी। जांच प्रतिवेदन में उन्होंने संबंधित निर्माण एजेंसी से आठ लाख रुपये की वसूली व निर्माण एजेंसी मंडी बोर्ड के कार्यपालन अभियंता, एसडीओ, इंजीनियर के ऊपर अपराधिक प्रकरण दर्ज करने की अनुशंसा कर प्रतिवेदन अनुविभागीय अधिकारी को प्रस्तुत किया था। तत्समय अनुविभागीय अधिकारी ने तहसीलदार को अपराध दर्ज करने और राशि वसूली करने की कार्रवाई करने हेतु नस्ती तहसील कार्यालय को दिया लेकिन आज की स्थिति में ना तो मामले में अपराध दर्ज हुआ और ना ही राशि की वसूली की गई। इसका नकल मांगने पर कार्यालय के कर्मचारियों का कहना है कि उनके कार्यालय से नस्ती गायब हो गया है। अब मामले में जिला प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है।
शिकायत की जांच के बाद नहीं हुई कार्रवाई, गायब हो गई फाइल मामला जर्जर भवन की शिकायत और जांच के बाद वसूली के आदेश का

Leave a reply