प्रोग्राम के अंतर्गत से लाइफ स्किल एजुकेशन वर्कशॉप का आयोजन डिस्ट्रिक्ट हेल्थ कमेटी के द्वारा किया गया] जिसमें प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और विभिन्न क्षेत्रों से अपने प्रश्नों को साझा किया। इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में डॉ-सुमन कुमार उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि डॉ-सुमन कुमार ने कहा कि जीवन कौशल] अनुकूल तथा सकारात्मक व्यवहार व्यक्तियों को दैनिक जीवन की मांगों और चुनौतियों से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए सक्षम बनाती हैं। ये जीवन कौशल सीखे जा सकते हैं तथा उनमें सुधार भी किया जा सकता है। आग्रहिता] समय प्रबंधन] सविवेक चिंतन] संबंधों में सुधार] स्वयं की देखभाल के साथ&साथ ऐसी असहायक आदतें जैसे& पूर्णतावादी होना] विलंबन या टालना इत्यादि से मुक्ति] कुछ ऐसे जीवन कौशल हैं जिनसे जीवन की चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलेगी। एम सिद्दीकी ने कहा कि व्यक्ति अपना समय कैसे व्यतीत करता है वह उसके जीवन की गुणवत्ता पर निर्धारित है। समय का प्रबंधन] प्रत्यायोजित करने व सीखने से दबाव मुक्त होने में सहायता मिल सकती है। समय प्रबंधन का प्रमुख नियम यह है कि आप जिन कार्यों को महत्व देते हैं उनका परिपालन करने में समय लगाएं या उन कार्यों को करने में जो आपके लक्ष्य प्राप्ति में सहायक हों। इसी के साथ कार्यक्रम में खेल के महत्व को बताते हुए ऐक्टिविटी का सहारा लिया गया।
छात्रों को परीक्षा में तनाव व अवसाद से बचाने सरगुजा कलेक्टर की अभिनव पहल
