अंबिकापुर. एक पुलिसकर्मी अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर अपने थाना क्षेत्र के एक १२ वर्षीय बच्ची के घर में घुस कर बलात्कार करने की कोशिश की थी। घटना २१ जनवरी की है। इस मामले में पुलिस द्वारा आरोपी को बचाने की कोशिश भी की गई थी। पीडि़ता के परिजन व सामाजिक संघटनों के काफी संघर्ष के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं पीडि़ता ने अपने परिजन के साथ अंबिकापुर स्थित प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता आयोजित कर सोमवार को बताया कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पुलिस वाले 50 हजार लेकर मामले को रफा-दफा करने का उनपर दबाव बना रहे हैं। पीडि़ता के परिजनों के आग्रह पर एक्टिविस्ट अकिल अहमद ने प्रेस को ब्रीफ करते हुए बताया कि चूंकि अपराध में सशस्त्र बल का सदस्य अपने तैनाती क्षेत्र में एक अन्य लोक सेवक शिक्षक तथा अन्य के साथ मिलकर 12 वर्षीय बच्ची के साथ अवैध रूप से घर में घुसकर सामूहिक बलात्कार का प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में सबसे बड़े दोषी पुलिस अधीक्षक सरगुजा हैं। जिन्हें लिखित शिकायत देने के बाद भी उन्होंने अपने आरोपी पुलिसकर्मी को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी अत: उन्होंने इसकी शिकायत भारत के मुख्यन्यायाधीश, बिलासपुर उच्च न्यायालय के मुख्यन्यायाधीश के साथ अन्य जगहों पर करने का मन बनाया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में निषाद समाज की ओर से सुजान बिंद, राष्ट्रीय महान गणतंत्र पार्टी के सुरेश बुनकर, लेव कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता आदित्य गुप्ता, विपिन चौधरी, दिनेश शर्मा तथा अन्य नागरिकगण उपस्थित थे।
पीडि़ता ने पुलिस वालों पर लगाया आरोप, ५० हजार रुपए लेकर मामले को रफा-दफा करने का बनाया जा रहा दबाव

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