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छत्तीसगढ़

गन्ने को किए गए आरक्षित को आरक्षण मुक्त किए जाने की मांग


अंबिकापुर। अविभाजित सरगुजा में गन्ना के फसल को आरक्षित किया गया है। जिसके कारण यहां गुड़ उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। कैट अध्यक्ष सरगुजा ने गन्ना आयुक्त को पत्र लिख कर  मांग किया है की मां महामाया सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित केरता में पेराई सत्र में जितनी आवश्यकता है उससे बहुत ज्यादा गन्ने का फसल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मां महामाया सहकारी शक्कर कारखाने का पेराई लक्ष्य 3.5 मे. टन है जिसमे सिर्फ सुरजपुर जिले में 6968.24 हे. में गन्ना का फसल है। जिसकी अनुमानित 60 टन प्रति हे. के हिसाब से 418000.95 मे.टन उपज होता है जो की कारखाने के पेराई लक्ष्य से ज्यादा है इसके बाद भी अविभाजित सरगुजा के पुरे गन्ना रकबा को आरक्षित किया गया है।   छोटे एवं मझोले किसान जिनका उपज बहुत कम है, उस उपज के दाम से ज्यादा गाड़ी भाड़ा लग जाता है वैसे मे किसान शक्कर कारखाना में कैसे गन्ना बेच पायेगा। आपके द्वारा आरक्षित रखबे के अनुसार जिसमें पंजीकृत किसानो के रकबे को लिया गया है जबकी अपंजीकृत गन्ना उत्पादक किसानों के पास भी गन्ना है और आपके द्वारा दिए गये विवरण के अनुसार 9374.874 हे मे गन्ने का फसल है जिसका उपज लगभग 7.5 लाख मे टन है जो कि फैक्टरी के लक्ष्य से बहुत ज्यादा है जिसके कारण किसानो को गन्ना बेचने में दिक्कत आयेगी। सहित अन्य मांगों को लेकर  सरगुजा संभाग में गन्ने को किए गए आरक्षित को आरक्षण मुक्त किया आने की मांग की है।

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